May 30, 2013

आम आदमी

वो दलाल स्ट्रीट के जाइंट स्क्रीन पर
टकटकी लगाए खड़ा था
अजीब कश्मकश से
मार्केट का हाल देख रहा था
टिकर चल रहा और
शायद उसकी चिंता बढ़ रही थी
कुछ देर बाद फोन निकाला
और कहने लगा
एलपीजी के दाम नहीं बढ़े
आम आदमी था
बजट देखने के बाद बीवी से बात कर रहा था

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मैं उसे तक़दीर के हवाले छोड़ आया
कल रात सड़क पर तड़प रहा था
वो आज मुझे
अखबार के सांतवे पन्ने पर मिला
आम आदमी था शायद

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