Jun 16, 2013

पिता

मुझे पता है
किस तरह तुमने
अपने सपनों को
मुझमें देखा था
जोड़-तोड़ कर
वो सारी चीजें दी
जिनसे खुद महरूम रहे
नए शहर में
कोंलेज एडमिशन से लेकर
किताबें खरीदने तक
हमेशा अकेले भेजा
कभी सीधे से
मेरा हाल नहीं पूछा
पर माँ से ज़रूर पूछा
कि "दामू" अभी तक घर नहीं आया
माँ ने गोद में उठाये रखा
पिता ने कदमों पर चलना सिखाया
-Happy Father's Day
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