Mar 9, 2013

ओ गुलाबी अंटी

अरे ओ गुलाबी अंटी
आजकल लोगों को हड़काने लगी हो
कांप रहे है, सिहर रहे हैं बेचारे
कल सीएसटी के बाहर स्वेटर खरीदते देखा
भोर में डी एन रोड पर अलाव जल रहे हैं

ओ गुलाबी अंटी
मंकी कैप पहनकर आई हो
बात करती हो तो धुँआ निकलता है
सर्दी बढ़ा रही हो या उड़ा रही हो!

ओ गुलाबी अंटी
दिल्ली, जयपुर के बाद
मुंबई भी आई हो
अच्छा लगा
थोड़े दिन और रहना
गरीबों को मारना मत
गुलाबी हो, गुलाबी ही रहना
Post a Comment

Followers