Oct 5, 2012

मुम्बईकर

कैसे कर लेते हो भईया
थोड़े से वेतन में महीने भर गुजारा
भीड़ भरी लोकल में चर्चगेट तक की यात्रा
ऑफ़िस की खींचतान के बीच थोड़ा सा मजाक
बरसों पुराने शूट में दोस्तों की शादी अटेंड करना
बेटे की ज़िद को कैसे भी पूरा करना
पटाखों की गूँज में फोन पर बात कर लेना
रात को एक बजे सोना, सुबह छह बजे उठना
तुम कहीं आम मुम्बईकर तो नहीं....!

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